IPS कैसे बनें – IPS Kaise Bane पूरी जानकारी | IPS full form

IPS Kaise Bane: आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि IPS कैसे बन सकते हैं जो कि आपको पूरी जानकारी हिंदी में मिल जाएंगे और साथ-साथ बताएंगे कि IPS कितने साल का कोर्स होता है और बताएंगे कि IPS बनने के लिए कौन सी पढ़ाई करनी पड़ती है और IPS के लिए कौन सी डिग्री चाहिए और IPS के लिए कितना रैंक होना चाहिए और IPS के लिए फॉर्म कब निकलता है सारी जानकारी हिंदी में देंगे आप इसे लास्ट तक जरूर पढ़ें

छात्र जीवन के किसी न किसी मोड़ पर हर  एक छात्र के मन में यह ख्याल आता है की मुझे भी आईपीएस  बनना है। आखिर ऐसा हो भी क्यों न यह एक ऐसा पद है जिसके आगे सब फ़ैल है। आज के इस आर्टिकल में हम आपको आईपीएस से जुडी हुई हर एक छोटी बड़ी जानकारी को साझा करेंगे। आईपीएस क्या होता है ? इसकी शैक्षणिक योग्यताएं क्या हैं ? इसके लिए हमें कौन सी पढाई करनी पड़ेगी ? आईपीएस बनने के बाद की लाइफ स्टाइल कैसी होगी। आपके हर एक सवाल का जवाब लेकर आज हम फिर से एक बार हाज़िर हुए हैं।

 आईपीएस (IPS) क्या होता है

 भारतीय सिविल सर्विस के सबसे प्रतिष्ठित पदों में से एक माना जाता है। आईपीएस (IPS)का फुल फार्म इंडियन पोलिस सर्विस होता है, हिंदी में बताऊँ तो भारतीय पुलिस सेवा। एक आईपीएस (IPS) की वैल्यू की अंदाजा आप इसी बात से लगा लीजिये कि जब भी राज्य या केंद्र सरकार की ओर से किसी भी प्रकार की अमानवीय घटनाओं के लिए जो टीम गठित होती है

उसका टीम का प्रतिनिधित्व किसी न किसी बैच का आईपीएस (IPS) अधिकारी ही कर रहा होता है। चाहे हमारे जिले का पुलिस सुप्रीटेंडेंट हो यह किसी भी जांचग एजेन्सी का प्रमुख सभी की नियुक्ति आईपीएस (IPS) बनने के बाद ही की जाती है। आईपीएस (IPS) एक स्थाई न्यायपालिका का सदस्य होता है जिसका चुनाव सेलेकशन के द्वारा होता है न की इलेक्शन के द्वारा।

आईपीएस (IPS) बनने के लिए संवैधानिक योग्यताएं

भारतीय संविधान के अनुसार, हर एक सरकारी नौकरी की तरह आईएएस में भी आरक्षण है। इसमें भी हर एक जाति वर्ग के लिए अलग अलग मानक स्थापित  किये गए हैं। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए उम्र सीमा अधिकतम 32 वर्ष निर्धारित की गयी है। अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए उम्र सीमा 35 वर्ष है, और अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के लिए उम्र सीमा 37 वर्ष निर्धारित की गयी है। 

इसके अलावा एक महत्वपूर्ण जानकारी यह है कि उम्मीदवार का भारतीय नागरिक होना आवश्यक है।  सामान्य कैटेगरी का अभ्यार्थी केवल 6 बार ही आवेदन भर सकता है , अन्य पिछड़ा वर्ग का अभ्यार्थी 9 बार , वहीं अनुसूचित जाति एवं जनजाति के अभ्यार्थी उम्र सीमा तक इस फॉर्म को भर सकते हैं।

आईपीएस (IPS) बनने के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यताएं

आईएएस बनने के लिए आपको स्नातक होना आवश्यक है , आप अपनी स्नातक की पढाई चाहे किसी भी प्रकार के कॉलेज से किये हों आप इस परीक्षा को देने के लिए योग्य हैं। अगर आपने अपने स्नातक की पढ़ाई डिस्टेंस से की है तो भी आप इस परीक्षा में बैठने के लिए योग्य उम्मीदवार हैं। अगर वर्तमान में आप अभी अपने स्नातक के पढ़ाई के फाइनल ईयर में हैं तो भी आप इस परीक्षा में बैठने के लिए योग्य हैं।

आईपीएस (IPS) बनने के लिए आवश्यक शारीरिक योग्यताएं

आईपीएस (IPS) अधिकारी बनने के लिए आपको शैक्षणिक योग्यता के साथ शारीरिक योग्यता में भी दक्ष होना आवश्यक है, शारीरिक दक्षता के लिए कुछ मानक तय किये गए हैं –

1. पुरुषों की लम्बाई :- आईपीएस (IPS)  सामान्य वर्ग के पुरुष अभ्यर्थियों के लिए लम्बाई की सीमा 165 सेमी निर्धारित की गयी है, वहीं अन्य पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए लम्बाई 160 सेमी निर्धारित की गयी है।

2. महिलाओं के लिए :- सामान्य वर्ग की महिला अभ्यार्थियों के लिए लम्बाई की सीमा 150 सेमी निर्धारित हैतो वहीं अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लिए लम्बाई की सीमा 145 सेमी निर्धारित की गयी है।

3. छाती की चौड़ाई :- आईपीएस (IPS) बनने के लिए पुरुषों की छाती की चौड़ाई 84 सेमी होनी चाहिए और महिलाओं के लिए यह मापदंड 79 सेमी निर्धारित किया गया है।

4. नेत्र दृष्टि :- आईपीएस (IPS) बनने के लिए आपकी आँखों की दक्षता सही होना चाहिए। आपकी आँखों का विजन 6/6 या  6/9 होना चाहिए एवं कमजोर आँखों का विजन 6/12 या 6/9 होना चाहिए इसके अलावा अभ्यार्थी के आँखों का दूर का नंबर  -4.00D से ज़्यादा नहीं होना चाहिए और पास के आँख का नंबर  +4.00D से ज़्यादा नहीं होने चाहिए तभी आपका चयन इस पद के लिए किया जायेगा।

आईपीएस (IPS) कैसे बने (IPS Kaise Bane)

आईपीएस (IPS) बनने के लिए आपको संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित परीक्षा को पास करने के बाद आप आईपीएस (IPS) बन सकते हैं। आईपीएस (IPS) बनने के लिए आपको UPSC के सभी मानकों के अनुसार  करना आवश्यक है। आइये जानते हैं आईएएस बनने के लिए क्या करें :-

ग्रेजुएशन की परीक्षा को पास करें

आईपीएस (IPS) बननेके लिए आपको ग्रेजुएशन करना जरुरी होता है। आप बिना ग्रेजुएशन की डिग्री के आईपीएस (IPS) के लिए आवेदन नहीं कर सकते हैं। ग्रेजुएशन करने के लिए किसी भी विषय की बाध्यता नहीं है ,आप अपनी योग्यता के अनुसार अपने विषय का चुनाव कर सकते हैं। अगर आप ग्रेजुएशन फाइनल ईयर के छात्र हैं तो भी आप परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं। अगर आप उन विषयों का चुनाव अपने ग्रेजुएशन के लिए करते हैं जो परीक्षा में आएगी तो आपके फ़ण्डामेण्टल की तैयारी अच्छे से हो जाएगी।

ग्रेजुएशन करने के दौरान इन चीज़ों का विशेष रूप से ध्यान दें

1. ग्रेजुएशन के समय से ही आपको करंट अफेयर्स, सामान्य ज्ञान , अंग्रेजी और अख़बार पढ़ने की आदत को डेली रूटीन में लाना है।

2. अपनी कम्युनिकेशन स्किल को बेहतर से ज्यादा बेहतर बनाने की कोशिश करते रहिये। कम्युनिकेशन स्किल को बढ़ने के लिए आप डिबेट या फिर अपने दोस्तों के साथ ही प्रोफेशनल लेवल की वार्तालाप करने की कोशिश कीजिये।

3. मल्टी डायमेंशल सोचने की कोशिश करिये। यह स्किल को पाने के लिए आपको किसी भी टॉपिक के ऊपर खुद गहन अध्ययन करना है और फिर उसे दूसरे तरीके से सोचने की कोशिश करना है। किसी भी चीज़ के पॉजिटिव और नेगेटिव दोनों पहलुओं को सोचने की क्षमता को इजात कीजिये।

4. लिखने का अभ्यास जारी रखें , किसी भी वर्तमान के मुद्दे को उठाकर प्रतिदिन एक निबंध लिखने की कोशिश कीजिये इससे आपकी लिखावट और स्पीड तो बढ़ेगी ही साथ में ही आपके सोचने की क्षमता भी बढ़ेगी।

5. पढाई के साथ साथ अन्य एक्टिविटी पर भाग लेते रहिये , अन्य एक्टिविटी में भाग लेने की कला इंटरव्यू के दौरान आपकी मदद करेगी।

6. इन सभी चीज़ों के अलावा आपको अपनी शारीरिक दक्षता को बढ़ाने के लिए नियमित तौर पर मेहनत करने की आवश्यकता होगी।

UPSC के लिए आवेदन कैसे करें

UPSC का रेजिस्ट्रेशन फॉर्म हर साल फरवरी माह में भरा जाता है। आप अपने नजदीकी कंप्यूटर सेंटर में जाकर UPSC की अधिकृत वेबसाइट में जाके अपना फॉर्म फिल कर सकते हैं। फॉर्म भरते समय आपको सावधानी बरतनी पड़ेगी , सभी चीज़ों को अपने आधार कार्ड और मार्कशीट के अनुरूप ही फिल  करें।  अगर किसी भी प्रकार की कोई त्रुटि पाई जाती हो तो उसके लिए आप स्वयं जिम्मेदार होंगे और आपका नामांकन रद्द कर दिया जायेगा।

UPSC की परीक्षा तीन चरणों में होती है

1. प्रीलिम्स परीक्षा

UPSC की परीक्षा का पप्रीलिम्स पहला चरण है। यह परीक्षा दो चरणों में आयोजित की जाती है , इस परीक्षा में पूछे जाने वाले सभी प्रश्न ऑब्जेक्टिव टाइप के होते हैं। यह एक नॉक आउट परीक्षा होती है , इस परीक्षा में आपको कम से कम 33 प्रतिशत अंक को अर्जित करना होता है। अगर आप प्रिलिम्स की परीक्षा मन 33 प्रतिशत से काम अंक अर्जित करते हैं तो आप मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू के लिए आगे नहीं बढ़ सकते हैं।

प्रीलिम्स की परीक्षा दोनों चरणों को मिलाकर 400 अंकों की होती है, पहले चरण में प्रश्नों की संख्या 100 और दूसरे चरण में प्रश्नों की संख्या 80 होती है। प्रीलिम्स की परीक्षा में नकारात्मक मूल्याङ्कन भी होता है ,आपके एक जवाब के गलत देने पर उस सवाल के एक तिहाई नंबर काट लिए जायेंगे।

2. मुख्य परीक्षा

 UPSC की मुख्य परीक्षा के लिए आपको प्रीलिम्स में पास होना आवश्यक है। इस परीक्षा में सामान्य ज्ञान के अलावा निबंध , क्षेत्रीय भाषा और अंग्रेजी का पेपर लिखित में होता है। इस परीक्षा में हर एक पेपर के लिए 250 अंक निर्धारित किये गए हैं। UPSC की मुख्य परीक्षा में कुल 9 प्रश्न पत्र रहते है

जिनमें से भारतीय भाषा और अंग्रेजी अनिवार्य है ,आपको इन दोनों विषयों में अच्छा स्कोर करना पड़ेगा ,इन दोनों पेपरों के अंक परीक्षा में नहीं जोड़े जाते हैं।

3. इंटरव्यू

यह UPSC की चयन प्रक्रिया आखिरी चरण है ,प्रीलिम्स और मुख्य परीक्षा में पास होने के बाद आप साक्षात्कार के लिए सेलेक्ट होंगे। इंटरव्यू के लिए 275 अंक निर्धारित किये गए हैं। आपको इंटरव्यू में अच्छे ड्रेसिंग सेन्स और बॉडी लैंग्वेज को इम्प्रूव करके जाना है। UPSC की मेरिट लिस्ट मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर बनाई जाती है। अतः आपका इनमें अच्छा स्कोर करना जरुरी है।

अगर आप UPSC के चयन प्रक्रिया के तीनों चरणों को पास कर लेते हैं तो फिर आपको ट्रेनिंग के लिए बुलाया जायेगा।

आईपीएस (IPS) की ट्रेनिंग

आईपीएस (IPS) की परीक्षा के सभी चरणों को सफलता पूर्वक पास करने के बाद अभ्यार्थी को तीन साल के लिए आईपीएस (IPS) की ट्रेनिंग के लिए ट्रेनिंग सेंटर भेजा जाता है। उस ट्रेनिंग पीरियड में अभ्यार्थी को पुलिस और प्रशासन के सभी ऑफिसियल और फील्ड वर्क सिखाया जाता है. ट्रेनिंग कम्प्लीट होने के बाद अभ्यार्थी को सम्बंधित पद पर नियुक्त किया जाता है।

आईपीएस (IPS) की सैलरी

एक आईपीएस (IPS) अधिकारी का वेतन 56,100/- रूपए से शुरू होता है फिर जैसे जैसे अभ्यार्हति का पद बढ़ता है उसी के अनुसार वेतन मान में भी वृद्धि होती है। आईपीएस अधिकारी को वेतन के साथ टीए, डीए, आवास, चिकित्सा, गाड़ी, बिजली, टेलीफोन, कुक, ड्राइवर, माली आदि जैसी सुविधाए भी मिलती है एवं नौकरी के दौरान जीवन हानि होने पर परिवार के किसी भी सदस्य को सरकारी नौकरी व रिटायर होने पर पेंशन आदि जैसी कई सुविधाए दी जाती है।

तो यह एक आईपीएस (IPS) अधिकारी बनने की समस्त जानकारी, हमें आशा है की आपको हमारा यह लेख पसंद आया होगा, आप इस लेख को ज्यादा से ज्यादा लोगों को शेयर कीजिये और अगला आर्टिकल किस टॉपिक में चाहते हैं वो भी कमेंट कीजिये। हम इसी प्रकार से शिक्षा से जुड़ी हुई हर एक छोटी बड़ी जानकारी आपसे साझा करते रहेंगे।

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IPS Kaise Bane (FAQ) हिंदी में

Q :- IPS कितने साल का कोर्स है

Ans :- जैसा कि आप सभी को बता दें कि आईपीएस बनने के लिए आपको कम से कम 8 से 10 साल का समय लगता है

Q :- आईपीएस बनने के लिए कितने मार्क्स चाहिए

Ans :- आईपीएस बनने के लिए आपको 12th में कम से कम 50% से लेकर 60% तक होना बहुत ही जरूरी है

Q :- IPS के लिए पहले कौन सी पढ़ाई करें

Ans :- IPS बनने के लिए आपको बता दें कि ग्रेजुएशन पास होना बहुत ही जरूरी है उसमें आपको मार्क्स की ज्यादा जरूरत नहीं है लेकिन 35% होना आवश्यक है

Q :- IPS के लिए कौन सी डिग्री चाहिए?

Ans :- आईपीएस के लिए आपको डिग्री कम से कम ग्रेजुएशन स्नातक पास होना बहुत जरूरी है

Q :- IPS बनने के लिए कितना रैंक चाहिए

Ans :- जैसा कि आप सभी को बता दें कि आईपीएस बनने के लिए सभी वर्ग का अलग-अलग रैंक होता है लेकिन कम से कम 90 रैंक के अंदर होना चाहिए

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